क्या आपने कभी फेसबुक के किसी पेज के कमेंट्स सेक्शन को पढ़ा है..सच में बहुत मज़ा आता है...एक पिक पोस्ट कर दो..फिर देखो कितने तरह के लोग होते हैं दुनिया में....एक पेशेंट बच्चा...नाक में नली डाल कर बोल रहा है आमीन बोलने..सभी लोग आमीन बोलते हैं... आमीन का मतलब पता हो या न हो..५ साल पहले ही वो बच्चा..जो की किसी नॉन सीरियस बीमारी से पीड़ित था.. ठीक हो गया पर आमीन का सिलसिला अब तक चल रहा है....७ लाख लाइक्स २ लाख कमेंट्स..सोचती हूँ कौन हैं ये लोग,कहाँ से आते हैं....दुर्गा माँ की पिक के नीचे 'जय माता दी' लिखने वाले...दुर्गा माँ ने ज़रूर देख लिया होगा..आप पर बस अब कृपा बरसने ही वाली है....किसी छोटी सी लड़की की तस्वीर..ये लिखा होता है आप मुझे बर्थडे विश नहीं करोगे..और बस लोग इमोशनल हो कर विश करने लग जाते हैं...चाहे उसका बर्थडे हो या न हो..उसकी प्रोफाइल भी ओरिजिनल हो या न हो...भारतीय सेना का तो बाका़यदा पेज है..पता नहीं किसने बनाया है...इंडो -पाकिस्तान वॉर की झलक देखनी है तो वह ज़रूर जाएँ..लोगो के खून में दौड़ती देश भक्ति देखें और आनंद ले..एक और प्रकार के लोग होते हैं...जादू देखने के इच्छुक ..नंबर ३ लिखिए और जादू देखिये ..इस पर तो मैंने बड़े बड़े सूरमाओं को कमेंट करते देखा है...पूछना चाहती हूँ कि आपको जादू दिख या नहीं..शायद हर कोई इस वर्चुअल दुनिया में एक जादू के तलाश में ही भटक रहा है...की एक चमत्कार हो जाये और हमारी सारी समस्याएं ख़त्म हो जाएँ...पर समस्या ये है की इस समस्या का कोई अंत नहीं है....ज़िन्दगी तो ज़िंदादिली से जीते जाने का नाम है..हाँ इस तेज़ी से दौड़ती दुनिया में आपको अपने लिए और सिर्फ अपने लिए टाइम ज़रूर निकालना चाहिए...दिन का एक छोटा हिस्सा सिर्फ आपके लिए... ज़िन्दगी बहुत बेहतर लगने लगेगी.
Wednesday, 4 October 2017
Facebookऔर जिंदगी
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